तुम छाँव मेरी , तुम धूप भी,
तुम आत्मा मेरी, तुम उसका रूप भी,
तुम अंत एक तलाश का ,तुम सपनो की शुरुआत, भी,
मै हूँ तुम, तुम मैं, हैं दूर भी और पास भी.
तुम पंख भी , तुम उड़ान भी,
तुम शोभा भी , तुम सम्मान भी,
तुम खुशबु भी, तुम कोमल एहसास भी
मै हूँ तुम, तुम मैं, हैं दूर भी और पास भी.
तुम धुंध भी , तुम ओस भी,
तुम कम्पन भी , तुम जोश भी,
तुम कृति भी, तुम प्रयास भी,
मै हूँ तुम, तुम मैं, हैं दूर भी और पास भी.
तुम श्रद्धा भी, तुम उपासना भी,
तुम विश्वास भी, तुम आस्था भी
तुम विद्या भी, तुम ज्ञान भी,
मै हूँ तुम, तुम मैं, हैं दूर भी और पास भी.
तुम आइना भी, तुम परछाई भी,
तुम श्वास भी, तुम प्राण भी,
तुम तपिश भी, तुम प्यास भी,
मै हूँ तुम, तुम मैं, हैं दूर भी और पास भी.
तुम कोलाहल भी, तुम मुस्कान भी,
तुम दर्द भी , तुम ही मलहम, तुम घाव भी,
तुम सिरहन भी, तुम भिक्षा भी, तुम दान भी,
मै हूँ तुम, तुम मैं, हैं दूर भी और पास भी.
तुम सब कुछ , तुम कुछ ख़ास भी,
तुम मासूमियत भी, तुम मुस्कान भी,
तुम सीली आग भी, तुम एक कयास भी,
मै हूँ तुम, तुम मैं, हैं दूर भी और पास भी.
मै हूँ तुम भी, तुम हो मै भी,
शरीर भी, पहचान भी, प्रेम और ध्यान भी,
हम दोनों अब है हम ही,
न तुम न मै, बस दोनों एक जान ही !!
न तुम न मै, बस दोनों एक जान ही !!